मुंबई । दो माह पूर्व उजागर हुए नेशनल स्पाट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) सेटलमेंट संकट के मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) ने आखिरकार सोमवार को एफआईआर दर्ज कर ली। एनएसईएल निदेशक मंडल के सदस्यों और ऊंचे ओहदे पर काम करनेवाले कुछेक लोगों के साथ ही एक्सचेंज की प्रमोटर फाइनेंशियल टेक्नालोजीज और इसके निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और ठगी जैसे आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक्सचेंज के बकाएदारों और डिफाल्टरों का नाम भी ईओडब्लू की एफआईआर में है। एफआईआर दर्ज करने के साथ ही ईओडब्लू की ओर से एनएसईएल और इसके प्रमोटर एफटी समूह के साथ राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की गई। प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के दस्तों ने राष्ट्रीय स्तर पर छापेमारी की। एनएसईएल और एफटी के दफ्तरों में ही नहीं बल्कि इनके निदेशक मंडल सदस्यों के आवास-दफ्तरों में तलाशी ली गई। एनएसईएल के मंच पर सौदा करनेवाले कई शेयर दलालों के यहां भी ईओडब्लू अधिकारियों ने छानबीन की। ईओडब्लू की एफआईआर में किसी का नाम अभी तक नहीं लिया गया है। यह जरूर बताया गया है कि एक्सचेंज के दफ्तरों के साथ ही इसके निदेशकों और प्रमोटर समूह के ठिकानों पर छापे मारे गए। एक्सचेंज के 25 बकाएदारों और डिफाल्टरों के यहां भी छापे मारे गए। एक्सचेंज के निवेशकों की शिकायत के आधार पर एनएसईएल के खिलाफ दक्षिण मुंबई के एमआरए पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। ईओडब्लू ने देश के 52 शहरों के 183 ठिकानों पर छापा मारा। अधिकारियों का कहना है कि छापे की कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के बाद गिरफ्तारी पर निर्णय : एनएसईएल घोटाले की जांच ईओडब्लू में बी. राजपूत की देखरेख में हो रही है। उन्होंने कहा कि दस्तावेज की जांच-पड़ताल पूरी होने के बाद हम तय करेंगे कि आगे क्या करना है। जांच-पड़ताल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि मामले में किसी की गिरफ्तारी होगी या नहीं।निवेशकों की शिकायत के मद्देनजर 16 सितंबर को राजपूत मुंबई पुलिस आयुक्त डा. सत्यपाल सिंह और संयुक्त पुलिस आयुक्त हिमांशु राय को एक रिपोर्ट सौंप चुके हैं। ईओडब्लू की ओर से देशव्यापी छापामार कार्रवाई इसी रिपोर्ट के आधार पर की गई है। इस मामले में ईओडब्लू वायदा बाजार आयोग और कंपनी मामलों के विभाग की भी मदद ले रहा है। 5,600 करोड़ निवेशकों के अटके हैं एक्सचेंज में एनएसईल के सेटलमेंट संकट का खुलासा जुलाई के अंतिम सप्ताह में हुआ था। इसी के मद्देनजर पहली अगस्त से एक्सचेंज के कारोबार पर प्रतिबंध लगा दिया गया। देश भर में फैले 13 हजार निवेशकों के 5,600 करोड़ रुपए एक्सचेंज में अटके हुए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक. प्रवर्तन निदेशालय, पूंजी बाजार नियामक सेबी, वायदा बाजार आयोग, कंपनी मामलों का विभाग और आयकर विभाग इस मामले में वित्त मंत्री को अपनी रिपोर्ट दे चुके हैं। इस मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की कार्रवाई काफी अहम मानी जा रही है। एक्सचेंज प्रबंधन के साथ ही निवेशकों ने ईओडब्लू की कार्रवाई का स्वागत किया है। सोमैया ने की शरद पवार पर कार्रवाई की मांगनेशनल स्पाट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) घोटाले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की छापेमारी के बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार पर कार्रवाई की मांग की है। सोमैया के मुताबिक पवार की मेहरबानी से गैरकानूनी तरीके से एनएसईएल को अनुमति दी गई। लिहाजा पवार सहित उन सरकारी अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने एनएसईएल को मंजूरी दिलाने में मदद की है। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सोमवार को पूरे देश में एक साथ 184 ठिकानों पर छापे मारे। कुल 16 राज्यों के 52 शहरों में एनएसईएल के गोदामों व कार्यालय परिसर में छापे मारे गए। सोमैया ने इसे खुद की जीत करार दिया है। उन्होंने बताया कि एनएसईएल से जुड़ी 24 चिटफंड कंपनियों की जांच शुरू की गई है। फाइनेंशियल टेक्नोलाजी के प्रबंध निदेशक जिग्नेश शाह, एमसीएक्स के सीईओ जोसेफ मैसी व अंजनी सिन्हा के घर पर भी छापे पड़े हैं। एमसीएक्स के निदेशकों, प्रमोटरों और डिफाल्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सोमैया ने मुंबई पुलिस का स्वागत किया है। लेकिन सवाल उठाया है कि कार्रवाई दो महीने विलंब से क्यों शुरू की गई? दो महीने का समय मिलने से पैसे विदेशों में भेज दिए गए हैं। साथ ही घोटाले से जुड़े दस्तावेज गायब कर दिए गए हैं। सोमैया ने कहा कि शरद पवार व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम चुप क्यों हैं? चिदंबरम की कमेटी ने खुद माना था कि नियमों का उल्लंघन हुआ है। चिदंबरम ने कार्रवाई की बात कही थी। सोमैया ने आरोप लगाया कि शरद पवार और वरिष्ठ अधिकारी यशवंत भावे ने नियमों को ताक पर रखकर आवश्यक मंजूरी दिलवाने में सहायता की है। लिहाजा उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। सोमैया ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट में 10 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई होगी जिसमें वे कोर्ट से तत्काल चिटफंड कंपनियों की संपत्ति जब्त करने व बंैक खाते सील करने का अनुरोध करेंगे।